प्रेगनेंसी दूध या दही के लिए सबसे अच्छा कौन सा है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

प्रेगनेंसी में दही (Curd) खाने के 9 फायदे

‘दही खाना है या नहीं’, अगर किसी गर्भवती महिला के मन में यह उलझन हो, तो मॉमजंक्शन का यह खास लेख जरूर पढ़ें। इसमें कोई शक नहीं कि दही एक पौष्टिक आहार है। हां, इस बात काे लेकर संशय जरूर हो सकता है कि गर्भावस्था में दही खाना सुरक्षित है या नहीं। अगर हां, तो कितनी मात्रा में? क्या गर्भावस्था में दही खाने के फायदे हो सकते हैं? हम कुछ ऐसे ही सवालों के लेकर इस लेख में लेकर आए हैं। यहां हम गर्भावस्था में दही खाने से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां देने की कोशिश कर रहे हैं। अब बिना देरी करते हुए पढ़ें यह लेख और जानिए गर्भावस्था में दही खाने से जुड़ी कुछ मुख्य बातें।

सबसे पहले जानते हैं कि क्या प्रेगनेंसी में दही खाना सुरक्षित है।
क्या गर्भावस्था के दौरान दही का सेवन करना सुरक्षित है?

हां, गर्भावस्था में संतुलित मात्रा में दही का सेवन सुरक्षित है। डेयरी उत्पाद पौष्टिक तत्वों का अच्छा स्रोत है, ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान इनका सेवन लाभकारी हो सकता है (1) (2)। साथ ही ध्यान रहे कि गर्भावस्था के दौरान अनपॉश्चराइज्ड (Unpasteurized) दूध से बने दही का सेवन करने से बचें (3)।

अब जानते हैं कि गर्भावस्था में कितनी मात्रा में दही खाना सुरक्षित हो सकता है।
गर्भावस्था में कितनी मात्रा में दही खाना सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान प्रतिदिन 3 सर्विंग दही या डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करना सुरक्षित हो सकता है (1)। यह मात्रा महिला के स्वास्थ्य के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है।

लेख के अगले भाग में जानिए गर्भावस्था की किस तिमाही में दही खाना लाभदायक हो सकता है।
गर्भावस्था में दही खाने का सबसे अच्छा समय कब है?

यह तो स्पष्ट हो गया कि गर्भावस्था में दही खाना सुरक्षित है। अब सवाल यह उठता है कि दही का सेवन किस तिमाही में करना सबसे अच्छा हो सकता है। वैसे, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है, लेकिन दही में कैल्शियम होता है। ऐसे में गर्भावस्था के तीसरी तिमाही में दही का सेवन लाभकारी हो सकता है, क्योंकि इस दौरान शिशु की हड्डियां विकसित और मजबूत होने लगती हैं और कैल्शियम का सेवन उपयोगी हो सकता है (4)।

अब जानते हैं कि दही में ऐसे कौन से पौष्टिक तत्व हैं, जो इसे इतना लाभकारी बनाते हैं।
दही के पोषक तत्व

नीचे पढ़ें 100 ग्राम दही में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में (5)।

100 ग्राम दही में 85.07 ग्राम पानी, 63 किलो कैलोरी एनर्जी, 5.25 ग्राम प्रोटीन, 1.55 ग्राम फैट, 7.04 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 7.04 ग्राम शुगर होती है।

मिनरल्स के रूप में 100 ग्राम दही में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर व सेलेनियम फ्लोराइड मौजूद है। इनमें सबसे अधिक कैल्शियम, फास्फोरस व पोटैशियम की मात्रा सबसे ज्यादा होती है।

100 ग्राम दही में मौजूद विटामिन में मुख्य रूप से थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, पैंटोथेनिक एसिड, विटामिन बी-6, फोलेट, कोलिन, बीटाइन, विटामिन-बी12, विटामिन-ए आरएई, विटामिन-ए आईयू व विटामिन-डी मौजूद है।

वहीं, 100 ग्राम दही में लिपिड के रूप में टोटल सैचुरेटेड, मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं।

आइए, अब गर्भावस्था में दही खाने के फायदे भी जान लेते हैं।
गर्भावस्था के दौरान दही के स्वास्थ्य लाभ
नीचे जानिए प्रेगनेंसी के दौरान दही खाने के फायदे।

पाचन में सुधार : गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या सामान्य है (6)। ऐसे में दही का सेवन पेट और पाचन के लिए लाभकारी हो सकता है। दरअसल, दही में मौजूद कुछ प्रोबायोटिक्स यानी कुछ अच्छे बैक्टीरिया पेट और पाचन के लिए लाभकारी हो सकते हैं (7)। इसके सेवन से सीने में जलन की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है (8)।

ठंडक के लिए : गर्भावस्था के दौरान शरीर का बढ़ा हुआ तापमान हानिकारक हो सकता है (9)। ऐसे में शरीर को ठंडक देने के लिए गर्भवती दही का सेवन कर सकती है। दही की तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को ठंडा रखने में सहायक हो सकती है।

कैल्शियम : कैल्शियम गर्भवती और भ्रूण दोनों के लिए काफी लाभकारी होता है। ऐसे में डेयरी प्रोडक्ट, जिसमें दही भी शामिल है, कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत होता है। इसका सेवन मां और होने वाले बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है (10)। खासतौर से गर्भावस्था की तीसरे तिमाही में जब भ्रूण की हड्डियां विकसित होने लगती है (4)।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए : गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर होना सामान्य है, लेकिन यही अगर लंबे वक्त तक रहे, तो खतरे की घंटी भी हो सकती है (11)। ऐसे में बेहतर है कि बीपी को संतुलित रखने पर ध्यान दिया जाए। हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए कई आहार है, जिनमें से एक दही भी है (12)। संतुलित मात्रा में दही का सेवन ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम कर सकता है, क्योंकि दही में एंटीहाइपरटेंशन गुण मौजूद होते हैं (13) (14)।

प्रतिरोधक क्षमता के लिए : दही खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार हो सकता है। दरअसल, दही में मौजूद प्रोबायोटिक (एक प्रकार के अच्छे बैक्टीरिया) में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गुण आंत के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में सहायक भूमिका निभा सकते हैं। इतना ही नहीं यह डायरिया की परेशानी से भी राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकता है (15)।

तनाव और चिंता के लिए : गर्भावस्था के दौरान महिला को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के बदलावों का सामना करना पड़ जाता है। ऐसे में कई बार महिलाओं के मूड में अचानक बदलाव भी देखा जा सकता है (16) (17)। इस स्थिति में कुछ आहार ऐसे हैं, जो मूड को अच्छा कर सकते हैं। दही उन्हीं खाद्य पदार्थों में से एक है। दही के सेवन से मूड अच्छा हो सकता है (18)। दरअसल, दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स इसका कारण हो सकता है, तो अब जब भी गर्भावस्था के दौरान मूड खराब लगे तो दही खाना न भूलें (19)।

त्वचा के लिए : गर्भावस्था के दौरान त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे – खुजली, स्ट्रेच मार्क्स व त्वचा शुष्क हो सकती है (20) (21) (22)। ऐसे में फर्मेन्टेड डेयरी प्रोडक्ट्स का उपयोग त्वचा के लिए लाभकारी हो सकता है (23)। चाहें तो गर्भवती महिला दही का फेसमास्क या फेसपैक भी लगा सकती हैं (24)। दही ठंडी होती है, ऐसे में इसका उपयोग शुष्क त्वचा या रैशेज से आराम दिला सकता है।

वजन संतुलित रखने के लिए : गर्भावस्था के दौरान वजन संतुलित रखने के लिए भी दही को आहार में शामिल किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह बात सामने आई है कि दही का सेवन शरीर के वजन को कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, अधिक वजन वाले लोगों के लिए इसे उपाय नहीं कहा जा सकता, लेकिन शरीर के फैट पर असरदार हो सकता है (25)। इतना ही नहीं, एक अन्य शोध में यह बात भी सामने आई है कि जो महिलाएं ओवरवेट नहीं है, अगर वो हफ्ते में 5 कप या उससे ज्यादा दही का सेवन करती हैं, तो समय पूर्व प्रसव का जोखिम कम हो सकता है (26)। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान दही का सेवन लाभकारी हो सकता है।

मांसपेशियों के लिए : गर्भावस्था के दौरान स्तन व गर्भाशय के टिश्यू की मांसपेशियों के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इतना ही नहीं प्रोटीन बच्चे के टिश्यू के विकास के लिए भी आवश्यक है (8)। ऐसे में प्रोटीन के लिए अन्य आहार के साथ दही का सेवन भी किया जा सकता है (27)।

लेख के आगे के भाग में जानेंगे कि गर्भावस्था में दही खाने से कोई नुकसान हो सकता है या नहीं।
क्या गर्भावस्था के दौरान दही के कोई दुष्प्रभाव हैं?

गर्भावस्था के दौरान दही के दुष्प्रभाव न के बराबर हैं, लेकिन कुछ खास तरह के दही के सेवन से बचना चाहिए जिनके बारे में नीचे जानकारी दी जा रही है)।

अनपॉश्चराइज्ड दूध से बने दही में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं, जिससे गर्भवती और भ्रूण को खतरा हो सकता है (3)।

डेयरी प्रोडक्ट्स में कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन जहां तक संभव हो लो-फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का चयन करें। फैट में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है और अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थ खाने से वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है (28)। इसलिए, वजन को संतुलित रखने के लिए लो फैट दही या डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें (29)।

गर्भावस्था में दही के लाभ के बाद इसके सेवन से जुड़ी कुछ जरूरी बातों के बारे में जानें।
दही का सेवन करते समय बरती जाने वाली सावधानियां

नीचे जानिए गर्भावस्था में दही खाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

हमेशा पाश्चरीकृत (pasteurised) दही का ही सेवन करें।
रात को दही का सेवन नहीं करना चाहिए। आयुर्वेद में भी इसका उल्लेख किया गया है (30) (31)।
कभी भी फ्रिज में रखी ठंडी दही का तुरंत सेवन न करें।
लो फैट दही का सेवन करना भी अच्छा हो सकता है।
दही में ज्यादा चीनी डालकर सेवन करने से बचें।
मछली की तासीर गर्म होती है, जबकि दही की ठंडी, इसलिए इन दोनों को एक साथ खाने से एलर्जी हो सकती है। फिलहाल, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

अब जानते हैं कि दही को आहार में कैसे-कैसे शामिल कर सकते हैं।
दही को अपने आहार में कैसे शामिल कर सकते हैं?

नीचे जानिए दही को आहार में शामिल करने के तरीके।

दही में बिना कोई खाद्य पदार्थ मिलाए उसे ऐसे ही खाया जा सकता है।
दही का रायता बनाकर सेवन कर सकती हैं।
दही की लस्सी या छाछ बना सकते हैं।
दही में फल डालकर सेवन कर सकते हैं।
कर्ड राइस भी खा सकते हैं।
सलाद या फल के सलाद पर दही डालकर खा सकते हैं।
दही की स्मूदी बनाकर पी सकते हैं।
आलू-दही की सब्जी भी खा सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान दही खाने से किसे बचना चाहिए?

नीचे बताई गई स्थितियों से परेशान गर्भवती को दही का सेवन करने से बचना चाहिए या डॉक्टरी सलाह के बाद ही दही का सेवन करना चाहिए।

अगर किसी को दूध के प्रोडक्ट्स से एलर्जी की समस्या है।
अगर किसी को फूड एलर्जी है।
अगर किसी को सर्दी, जुकाम या अस्थमा जैसी समस्या है।

आशा करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको प्रेगनेंसी में दही खाने के फायदे पता चल गए होंगे। साथ ही दही के नुकसान भी लेख में बताए गए हैं। प्रेगनेंसी में दही के नुकसान बताकर हम आपको डराना नहीं चाहते, बल्कि सावधानी से इसका सेवन करने की सलाह दे रहे हैं। अगर संतुलित मात्रा में प्रेगनेंसी में दही का सेवन किया जाए, तो यह फायदेमंद हो सकता है। इसकी मात्रा गर्भवती के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। ऐसे में बेहतर है कि इस बारे में एक बार डॉक्टरी सुझाव जरूर लिया जाए। सेहतमंद आहार लें, स्वस्थ रहें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
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